संपूर्ण चालीसावर परत जाश्लोक 21 / ४३
चौपाई 19
चौपाई 19 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
prabhu mudrikaa meli mukha maaheem।
jaladhi laanghi gaye acharaja naaheem॥
सरळ भावार्थ
या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.