संपूर्ण चालीसावर परत जाश्लोक 34 / ४३
चौपाई 32
चौपाई 32 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥
raama rasaayana tumhare paasaa।
sadaa raho raghupati ke daasaa॥
सरळ भावार्थ
या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.