चौपाई 34

चौपाई 34 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन

अंत काल रघुबर पुर जाई।

जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥

amta kaala raghubara pura jaaee।

jahaan janma hari-bhakta kahaaee॥

सरळ भावार्थ

या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.