चौपाई 7

चौपाई 7 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन

बिद्यावान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर॥

bidyaavaana gunee ati chaatura।

raama kaaja karibe ko aatura॥

सरळ भावार्थ

या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.