चौपाई 11

चौपाई 11 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन

लाय संजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥

laaya smjeevana lakhana jiyaaye।

shreeraghubeera harashi ura laaye॥

सरळ भावार्थ

या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.