संपूर्ण चालीसावर परत जाश्लोक 18 / ४३
चौपाई 16
चौपाई 16 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
tuma upakaara sugreevahim keenhaa।
raama milaaya raaja pada deenhaa॥
सरळ भावार्थ
या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.