संपूर्ण चालीसावर परत जाश्लोक 30 / ४३
चौपाई 28
चौपाई 28 भावार्थ व आध्यात्मिक विवेचन
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै॥
aura manoratha jo koee laavai।
soi amita jeevana phala paavai॥
सरळ भावार्थ
या भाषेत अनुवाद उपलब्ध नाही. मूळ अवधी पाठ उपलब्ध आहे.