श्री हनुमान चालीसा
Shri Hanuman Chalisa • दैनिक भक्ति एवं पाठ
सम्पूर्ण ४३ छंदों का मूल अवधी पाठ, सरल भावार्थ, शब्दार्थ और बहुभाषी लिपि में आदरपूर्वक अनुभव।
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बिना स्क्रॉल के एक-एक छंद स्लाइड पाठ अथवा सहज अखण्ड प्रवाह व शब्दार्थ सहित।
हनुमान चालीसा ध्वनि पाठ
शुद्ध अवधी उच्चारण में पावन स्वर पाठ, ॐ तानपूरा ध्यान ध्वनि एवं गति नियंत्रण के साथ।
दैनिक पाठ एवं जप
१, ११, २१ या १०८ जप माला काउंटर के साथ एकाग्र पाठ।
पवित्र, प्रामाणिक और सहज अनुभव
हर पीढ़ी के लिए समर्पित शांत भक्तिमय वातावरण
सत्यापित ४३ छंद
गीता प्रेस गोरखपुर संस्करण (कोड ६३) से मिलान किया हुआ प्रामाणिक अवधी पाठ।
बुजुर्गों के लिए सुगम
बड़े अक्षरों का आकार, शांत रंग-रूप और बिना किसी विज्ञापन या विक्षेप के।
पूर्ण गोपनीयता
बिना अकाउंट या पासवर्ड के। आपकी सभी सेटिंग्स केवल आपके फोन में सुरक्षित।
श्री हनुमान जी की आरती, हनुमानाष्टक एवं प्रामाणिक संदर्भ
चालीसा पाठ के उपरांत की जाने वाली पावन आरती, संकट मोचन हनुमानाष्टक, हनुमान जयंती एवं भगवान शिव के रुद्रावतार (अंश) का शास्त्रीय विवरण।
श्री हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की • दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग दोष जाके निकट न झांपै ॥
भावार्थ: Perform the sacred Aarti of beloved child Hanuman, who embodies the divine prowess of Lord Rama to eradicate all negative forces. By whose immense strength even mighty mountains tremble, and near whom no disease or affliction can ever approach.
लंक विध्वंस किए रघुराई । तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥
नित्य जिज्ञासाएँ एवं प्रामाणिक जानकारी
श्री हनुमान चालीसा के पाठ, इतिहास और महत्व से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर