जय श्री राम • जय हनुमान

श्री हनुमान चालीसा

Shri Hanuman Chalisa • दैनिक भक्ति एवं पाठ

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हनुमान चालीसा ध्वनि पाठ

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गीता प्रेस गोरखपुर संस्करण (कोड ६३) से मिलान किया हुआ प्रामाणिक अवधी पाठ।

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नित्य भक्ति संग्रह • आरती, अष्टक एवं ज्ञान

श्री हनुमान जी की आरती, हनुमानाष्टक एवं प्रामाणिक संदर्भ

चालीसा पाठ के उपरांत की जाने वाली पावन आरती, संकट मोचन हनुमानाष्टक, हनुमान जयंती एवं भगवान शिव के रुद्रावतार (अंश) का शास्त्रीय विवरण।

श्री हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की • दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

छंद 1 / 6

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग दोष जाके निकट न झांपै ॥

भावार्थ: Perform the sacred Aarti of beloved child Hanuman, who embodies the divine prowess of Lord Rama to eradicate all negative forces. By whose immense strength even mighty mountains tremble, and near whom no disease or affliction can ever approach.

लंक विध्वंस किए रघुराई । तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

FAQ & Devotional Context

नित्य जिज्ञासाएँ एवं प्रामाणिक जानकारी

श्री हनुमान चालीसा के पाठ, इतिहास और महत्व से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

श्री हनुमान चालीसा किसने और किस भाषा में लिखी है?
श्री हनुमान चालीसा की रचना 16वीं शताब्दी में महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधी भाषा (प्राचीन हिंदी की एक साहित्यिक बोली) में की थी। यह 40 चौपाइयों और 3 दोहों से युक्त एक पावन स्तुति है।
हनुमान चालीसा में कुल कितने छंद (दोहे व चौपाई) हैं?
हनुमान चालीसा में कुल 43 छंद हैं: 2 आरंभिक दोहे (श्रीगुरु चरन सरोज रज...), 40 मुख्य चौपाइयां (जय हनुमान ज्ञान गुन सागर से लेकर कीजै नाथ हृदय मँह डेरा तक), और 1 समापन दोहा (पवनतनय संकट हरन...)।
दैनिक हनुमान चालीसा का पाठ करने के क्या आध्यात्मिक एवं मानसिक लाभ हैं?
हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करने से मन में भय, चिंता और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। यह आत्मबल, सकारात्मक संकल्प शक्ति, बुद्धि, विद्या और आरोग्य प्रदान करता है ("नाशै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा")।
हनुमान जयंती कब मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है?
हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को पूरे भारत में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है। यह संकटमोचन हनुमान जी का प्राकट्य दिवस है। इस पावन अवसर पर भक्त व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का सामूहिक पाठ करते हैं, और सिन्दूर व बूंदी का भोग लगाकर कष्ट निवारण की प्रार्थना करते हैं।
क्या भगवान हनुमान भगवान शिव के अवतार (अंश) हैं?
हाँ, शिव पुराण (शतरुद्र संहिता) और स्कंद पुराण के अनुसार भगवान हनुमान देवाधिदेव महादेव शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार (शिव अंश) हैं। वे त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की सेवा और धर्म की पुनर्स्थापना में सहायता हेतु अवतरित हुए थे। इसीलिए उन्हें "रुद्र अवतार" अथवा "शंकर सुवन" कहा जाता है।
हनुमान चालीसा की प्रामाणिक PDF कैसे डाउनलोड या प्रिंट करें?
हमारी वेबसाइट पर गीता प्रेस गोरखपुर (कोड ६३) प्रामाणिक पाठ पर आधारित स्वच्छ, विज्ञापन-मुक्त A4 Printable PDF उपलब्ध है। आप किसी भी पेज पर "प्रिंट / PDF" बटन दबाकर बिना किसी ऐप या वॉटरमार्क के सीधे अपने फोन या कंप्यूटर में PDF सेव कर सकते हैं।
हनुमान जी की आरती और संकट मोचन हनुमानाष्टक का चालीसा के साथ क्या संबंध है?
सनातनी पूजन परंपरा में हनुमान चालीसा के पाठ के उपरांत "आरती कीजै हनुमान लला की" गाकर दीप प्रज्वलित करना और गोस्वामी तुलसीदास विरचित "संकट मोचन हनुमानाष्टक" का पाठ करना संपूर्ण पूजा फल प्रदान करता है। अष्टक सभी ज्ञात-अज्ञात विघ्नों का तुरंत शमन करता है।
सिनेमा और आधुनिक फिल्मों (Hanuman Movies) में भगवान हनुमान के चित्रण का क्या महत्व है?
भगवान हनुमान पर आधारित फिल्मों, धारावाहिकों और एनिमेशन ने विश्वभर की नई पीढ़ी को उनके असीम शौर्य, विनम्रता, निस्वार्थ सेवा और मर्यादा के आदर्शों से जोड़ा है। प्रामाणिक अवधी श्लोकों और चालीसा का नित्य पाठ इस पावन चरित को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है।
क्या इस वेबसाइट पर सभी 10 भारतीय भाषाओं में पाठ उपलब्ध है?
हाँ, इस वेबसाइट पर मूल अवधी छंदों का गीता प्रेस प्रामाणिक पाठ हिन्दी, गुजराती, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी (गुरुमुखी) एवं अंग्रेज़ी में शब्दार्थ व व्याख्या सहित पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।
हनुमान चालीसा का पाठ करने का सबसे शुभ समय क्या है?
हनुमान चालीसा का पाठ प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त या संध्या वेला में अत्यंत फलदायी माना जाता है। मंगलवार और शनिवार के दिन इसका पाठ विशेष रूप से पुण्यकारी होता है।