नियम एवं शर्तें
अंतिम अद्यतन: अक्टूबर २०२६ • पावन सेवा एवं उपयोग की मर्यादा
१. पावन उद्देश्य एवं व्यक्तिगत उपयोग
यह डिजिटल सेवा पूर्णतः भक्ति, नित्य पाठ, धार्मिक अध्ययन और आत्मिक शांति के उद्देश्य से समर्पित है। कोई भी श्रद्धालु, परिवार, अथवा धार्मिक संस्था बिना किसी शुल्क या सदस्यता के इस वेबसाइट का उपयोग दैनिक प्रार्थना और अध्ययन हेतु कर सकते हैं।
२. मूल पाठ की पवित्रता एवं अपरिवर्तनीयता
श्री हनुमान चालीसा के मूल ४३ छंद (२ दोहे, ४० चौपाई, १ समापन दोहा) महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित सनातन धरोहर हैं। इस पावन पाठ को गीता प्रेस गोरखपुर (कोड ६३) के अनुसार शुद्ध रखा गया है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसके पवित्र छंदों में फेरबदल करने या अशुद्ध प्रचार करने की अनुमति नहीं है।
३. मुद्रण (Print) एवं निःशुल्क वितरण की अनुमति
भक्तों को इस वेबसाइट से A4 साइज की स्वच्छ PDF सेव करने और मुद्रित (Print) करके अपने घर, मंदिर अथवा वृद्धजनों के बीच निःशुल्क वितरित करने का पूर्ण अधिकार है। इसे किसी भी रूप में व्यावसायिक रूप से बेचना अथवा पेवॉल लगाना वर्जित है।
४. आध्यात्मिक दायित्व एवं निष्काम भाव
यह वेबसाइट पूर्णतः निष्काम भाव से संचालित है। हम किसी भी प्रकार का आर्थिक चंदा, दान अथवा सदस्यता शुल्क स्वीकार नहीं करते। अनुवाद और व्याख्याएँ शास्त्रीय परंपराओं के अनुरूप श्रद्धापूर्वक प्रस्तुत की गई हैं।
५. मर्यादा एवं आदर
हम सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करते हैं कि वे पवित्र स्तुति का पाठ करते समय मन, वचन और शरीर की शुद्धि का ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की अभद्र अथवा अपमानजनक गतिविधि से दूर रहें।