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चौपाई 25
चौपाई 25 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
naasai roga harai saba peeraa।
japata nirmtara hanumata beeraa॥
सरल भावार्थ
हनुमान जी के नाम का निरंतर स्मरण करने से सारे रोग और कष्ट मिट जाते हैं।