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चौपाई 28
चौपाई 28 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै॥
aura manoratha jo koee laavai।
soi amita jeevana phala paavai॥
सरल भावार्थ
जो कोई भी इच्छा लेकर आपकी शरण आता है, उसे जीवन में असीम सुख-फल मिलता है।