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चौपाई 30
चौपाई 30 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥
saadhu smta ke tuma rakhavaare।
asura nikmdana raama dulaare॥
सरल भावार्थ
संतों के रखवाले, दुष्टों का नाश करने वाले और श्रीराम के अति प्रिय हैं।