चौपाई 1

चौपाई 1 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

जय हनुमान ग्यान गुन सागर।

जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

jaya hanumaana gyaana guna saagara।

jaya kapeesa tihun loka ujaagara॥

सरल भावार्थ

ज्ञान और सद्गुणों के सागर, तीनों लोकों में प्रसिद्ध हनुमान जी की जय हो।

शब्दार्थ

अवधी शब्दसरल अर्थ
ग्यान गुन सागरज्ञान और गुणों के अथाह समुद्र
कपीसवानरों के स्वामी/ईश्वर
तिहुँ लोकतीनों लोक (स्वर्ग, पृथ्वी, पाताल)
उजागरप्रकाशित या प्रसिद्ध