चौपाई 15

चौपाई 15 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।

कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥

jama kubera digapaala jahaan te।

kabi kobida kahi sake kahaan te॥

सरल भावार्थ

जब यम, कुबेर और दिक्पाल भी आपकी महिमा पूरी नहीं कह सकते, तो कवि कैसे कह पाएंगे?