चौपाई 14

चौपाई 14 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा॥

sanakaadika brahmaadi muneesaa।

naarada saarada sahita aheesaa॥

सरल भावार्थ

ब्रह्मा, नारद, सरस्वती और सभी महान ऋषि-मुनि आपके गुणों का गान करते हैं।