चौपाई 13

चौपाई 13 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

sahasa badana tumharo jasa gaavaim।

asa kahi shreepati kmtha lagaavaim॥

सरल भावार्थ

हजारों मुख वाले शेषजी भी आपका गुणगान करते हैं, यह कहकर श्रीराम ने आपको गले से लगाया।