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चौपाई 19
चौपाई 19 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
prabhu mudrikaa meli mukha maaheem।
jaladhi laanghi gaye acharaja naaheem॥
सरल भावार्थ
श्रीराम की मुद्रिका लेकर आपने विशाल महासागर को बिना किसी बाधा के पार किया।