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चौपाई 21
चौपाई 21 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आग्या बिनु पैसारे॥
raama duaare tuma rakhavaare।
hota na aagyaa binu paisaare॥
सरल भावार्थ
भगवान राम के द्वारपाल आप हैं; आपकी अनुमति के बिना कोई प्रभु की कृपा नहीं पा सकता।