चौपाई 22

चौपाई 22 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रच्छक काहू को डर ना॥

saba sukha lahai tumhaaree saranaa।

tuma rachchhaka kaahoo ko dara naa॥

सरल भावार्थ

आपकी शरण में सब सुख हैं और जब आप रक्षक हैं तो किसी का कोई डर नहीं।