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चौपाई 3
चौपाई 3 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
mahaabeera bikrama bajarmgee।
kumati nivaara sumati ke smgee॥
सरल भावार्थ
महापराक्रमी हनुमान जी, आप बुरी सोच को दूर करके अच्छी बुद्धि और सत्संग प्रदान करते हैं।
शब्दार्थ
| अवधी शब्द | सरल अर्थ |
|---|---|
| बिक्रम | पराक्रम |
| बजरंगी | वज्र के समान अंग वाले |
| कुमति निवार | दुर्बुद्धि को हरने वाले |
| सुमति के संगी | सद्बुद्धि के साथी |