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चौपाई 37
चौपाई 37 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
jai jai jai hanumaana gosaaeem।
kripaa karahu gurudeva kee naaeem॥
सरल भावार्थ
हे हनुमान जी, आपकी जय हो! पूज्य गुरुदेव की तरह मुझ पर कृपा की दृष्टि बनाए रखिए।