चौपाई 38

चौपाई 38 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई॥

jo sata baara paatha kara koee।

chhootahi bmdi mahaa sukha hoee॥

सरल भावार्थ

जो नियमपूर्वक सौ बार इसका पाठ करता है, उसके सारे सांसारिक बंधन कट जाते हैं और परम आनंद मिलता है।