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चौपाई 6
चौपाई 6 भावार्थ एवं आध्यात्मिक व्याख्या
संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन॥
smkara suvana kesareenmdana।
teja prataapa mahaa jaga bmdana॥
सरल भावार्थ
आप शंकर जी के अवतार और केसरी के सुपुत्र हैं, आपका तेज पूरे संसार में वंदनीय है।